हनी ओपल (Honey Opal) 5 ग्राम शुद्ध चांदी की अंगूठी और शुद्धिकरण सहित
Price range: ₹1,000.00 through ₹5,301.00
Description
बताए गए फायदे शुक्र के सभी रत्न को धारण करने से मिलते हैं जैसे हीरा, फायर ओपल, व्हाइट सैफायर, हनी ओपल, वाइट टोपाज
जिस क्रम में लिखे हैं उसी क्रम से आपको फायदे अधिक से कम की और मिलते चले जाते हैं क्योंकि सर्वाधिक महंगा है हीरा इसके बाद बाकी के रत्न उसी क्रम में कीमत के मामले में कम होते चले जाते हैं तो रिजल्ट भी उसी हिसाब से आते हैं
इसलिए हम ज्यादातर कुंडलियों के लिए फायर ओपल ( fire 🔥 opal ) रत्न सजेस्ट करते हैं जो बजट वाला रत्न है और कई बार तो यह हीरे से भी अधिक लाभ देने वाला रत्न बन जाता है कुंडली अनुसार
और यदि साथ में शुक्र देव का उपाय लगातार करते रहें तो अवश्य ही गारंटी से यह हीरे को भी मात देने वाला रत्न बनता है यानी कि फायर ओपल अकेला ही ऐसा रत्न है जो इंसान के जीवन को संवारने में उसकी भरपूर मदद कर सकता है
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1. यह दैत्य गुरु यानी शुक्र देव का रत्न है जो की सफेद क्रीम, दूधिया, पारदर्शी और अपारदर्शी रंग का होता है, और इसे सिर्फ चांदी की अंगूठी में पहना जाता है और किसी में भी नहीं
2. कुंडली में दैत्य गुरु यानी शुक्र की स्थिति कमजोर होने पर इसे अवश्य ही धारण करना चाहिए
3. जीवन में भागदौड़ अधिक हो, और मेहनत के हिसाब से पैसा नहीं मिल रहा हो या कई बार तो यहां तक स्थिति होती है कि लग्जरी जीवन जीने के लिए वह सभी चीज जो हमारे पास होती है उनका हम इस्तेमाल भी नहीं कर पाते हैं यानी सिर्फ भागदौड़ और अपने आपको संभालने में ही जिंदगी निकल रही होती है और उसमें खुशहाली, स्थिरता और तरक्की की मांग, पैसे की आवक बढ़ानी हो तो अवश्य ही इसे धारण करना चाहिए
4. यह रत्न, कलयुग में भौतिक आवश्यकता और हर प्रकार की लग्जरी यानी कुल मिलाकर आज की जनरेशन को जो जो चाहिए वह सब की प्राप्ति आसानी से हो सकती है क्योंकि उन सबके देवता हैं दैत्य गुरु यानी शुक्र देव और यह उनका रत्न है इसको पहनने से कई दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है
5. सरकारी या प्राइवेट नौकरी, फैशन, मॉडलिंग, कलाकार, फिल्म जगत में अपना नाम बनाने की कोशिश में हो या फिर पहले से कोई चहेते कलाकार हो अथवा महंगी चीजों यानी लग्जरी वस्तुओं का व्यापार करने वाले क्षेत्र में जिसमें बार-बार आपकी इनकम प्रभावित हो रही हो और कई मामलों में बिजनेस में भी यह बहुत कारगर है
6. यदि आप क्रिएटिव या एक्टिंग फील्ड से हैं और कुंडली में दैत्य गुरु यानी शुक्र का रत्न पहनने की सलाह दी गई है तो आपकी एक्टिंग की क्षमता उस लेवल तक जा सकती है जहां कला का संसार अपने हिसाब से आप बना सकते हैं अर्थात बड़े से बड़ी सोच को साकार करने में आप धरातल पर प्लानिंग और अभिनय ने नए मुकाम प्राप्त ( new milestone set ) सकते हैं उसे रूप दे सकते हैं अर्थात सीधे शब्दों में यह रत्न आपके लिए चार चांद लगा सकता है
7. जिन लोगों को लगता है कि वह कोई खास नहीं दिखते हैं और खुद से ही ऐसा महसूस होता है कि अपने से कुछ हो नहीं पाएगा, आम आदमी के जैसे आए हैं और आम आदमी के जैसे ही चले जाएंगे या फिर कई मामलों में भगवान ने सुंदर चेहरा तो दे दिया है कुछ लोग कह भी देते हैं कि तुम ठीक दिखते हो फिल्मों में ट्राई करना चाहिए लेकिन हिम्मत नहीं हो पाती है घर छोड़ने की, स्ट्रगल करने की और अगर मन बनाकर निकल भी गए इस फील्ड में तो मन मुताबिक प्लेटफार्म नहीं मिल पाता है और उन्हें कोई सुनना पसंद नहीं करता, लोग वैल्यू नही समझते हैं, जल्दी से आपको आपका मनपसंद काम नहीं देना चाहते हैं और आपको हमेशा साइड किनारे रखते हैं या आप भी अपने आप को ऐसा ही निराश महसूस करते हैं, लगातार स्ट्रगल करते-करते थक गए हैं और दूसरों से बात करते समय अब अपना सही प्रदर्शन नहीं कर पा रहे है इसलिए सदैव अकेले ही रहना चाहते हैं या फिर यह सब देखकर निराश से हो जाते हैं, यानी अपने आप को अकेला और अपमानजनक महसूस करते हैं तो अवश्य ही यह रत्न कारगर है
दैत्य गुरु यानी शुक्र का यह हनी ओपल रत्न
8. यह रत्न दैत्य गुरु यानी शुक्र देव का है और दैत्य गुरु यानी शुक्र देव का संबंध है हमारे चरित्र से, सुंदरता से दिखावे से और अपने आप को किस प्रकार से हम प्रदर्शित कर सकते हैं
यानी कि शो ऑफ करके अपने जीवन की आजीविका कमा सकते हैं,
अपने लिए बड़े से बड़ा रोजगार प्राप्त कर सकते हैं
अर्थात अपने मनोबल, सुंदरता, कूटनीति व
और लोगों से आगे निकलने की प्रतिस्पर्धा जीतने की क्षमता जैसे महान गुणों का अगर आप में समावेश होने लगे
और उसमें लगातार वृद्धि होने लगे
तो इस प्रकार की शक्ति को बढ़ाने के लिए यह सर्वोत्तम रत्न है
9. इसको धारण करने से सम्मान की प्राप्ति और यश में दिनों दिन बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है, इसका होने का कारण क्या है तो आप समझे कि आपने ऐसा जादुई रत्न पहन लिया है जो आपकी सुंदरता बढ़ाएगा, आपको स्मार्ट बिजनेसमैन बनाएगा, अपने लिए क्या बेहतर है क्या ठीक नहीं है यह सब आप जानने लग जाएंगे और इसी कारण से मौके का लाभ उठाना आपकी सबसे बड़ी खूबी बन जाएगी यानी जितने मौके सही समय पर आप भुनाएंगे बस उतने ही कामयाब होते चले जाएंगे कि इससे आपका संपर्क क्षेत्र काफी बढ़ेगा, नए-नए लोगों से जान पहचान होने की वजह से आपका प्रभुत्व भी बढ़ेगा हर कोई चाहेगा कि आप उसके मित्र बने ताकि उन्हें भी ऐसा लगे कि वह किसी बड़े आदमी के संपर्क में है बल्कि लोग महसूस करेंगे कि ऐसा व्यक्ति जो हर प्रकार से सक्षम है वही मित्रता करने लायक है, अपना बनाने लायक है और हम सबका भला करने लायक है अर्थात हर प्रकार से आपकी वैल्यू आसपास में, परिवार में और समाज में बनने लगती है और ऐसे में सामाजिक दायरा यानी कि सोशल एप्रोच,अपीरियंस काफी बढ़ती है
10. इसको पहनने से जल्द ही आप देखते हैं लोग अब आपके बारे में अलग ही कुछ विचार रखने लगे हैं जो आपके मन को अनुकूल लगने लगेगा
11. शरीर में किडनी, प्रोस्टेट, यौन और इससे संबंधित किसी भी अंग की की कोई समस्या है और कुंडली अनुसार भी इसका कनेक्शन यदि दैत्य गुरु यानी शुक्र देव से बन रहा है तो इन सभी बीमारियों से लड़ने की ताकत पैदा करने में, नई जान डालने के लिए भी ओपल रत्न लाभदायक है
12. कुछ मामलों में तो यौन संचारित रोग, मधुमेह और मूत्र संबंधित विकार समस्याओं को भी दूर करने में इसका प्रभाव देखा जाता है
13. घर में कोई ना कोई परेशानी, झगड़ा, तनाव, कलेश मचा हुआ है और आप उसे हल नहीं कर पा रहे हैं तो इस रत्न से आपकी पर्सनालिटी और आपका प्रभुत्व ही काफी है इन सब समस्याओं को शांत करने में यानी की समस्या अगर पैसों की है तो आपके कामयाब होने से आप लगभग सबका फायदा और भला कर सकते हैं उन्हें काम पर लगवा सकते हैं जिससे कि पैसे संबंधित झगड़ा खत्म होने में आपका एक बहुत ही अहम योगदान बन जाता है और यह रत्न एक तटस्थ भूमिका निभाने में और सही निर्णय कर पाने में मदद करता है, जिससे कि झगड़े जल्दी और स्वत ही समाप्त होने लगते हैं
15. कुछ मामलों में आंखों के रोग, डायबिटीज की कोई समस्या और शरीर में वात व पित्त की गड़बड़ हो जाना यानी की वात, पित्त और कफ में से सर्वप्रथम वात व फिर कफ को यह ठीक करने में मदद करता है
16. इसके अलावा भी अनेकानेक लाभ है जोकि अलग-अलग कुंडली में अलग-अलग प्रकार से सामने आते हैं
17. कुंडली में किसी भी प्रकार से दैत्य गुरु यानी शुक्र देव यदि मंगल, राहु, केतु से पीड़ित है और सूर्य देव से अस्त हैं तो अनिवार्य रूप से यह रत्न धारण करना ही है बस कुंडली में आपको दैत्य गुरु यानी शुक्र देव योग कारक लिखे होने चाहिए और किसी विद्वान ज्योतिषी ने आपको बताया हो कि आप ओपल धारण करें, तब ही इसे धारण करना है अन्यथा उपाय और भी हैं जो कुंडली विवेचन के माध्यम से जाने जा सकते हैं लेकिन यह रत्न, शुक्र के कुंडली अनुसार योगकारक और लग्न के मित्र होने पर ही धारण किया जाता है
18. लेकिन जैसा कि आप जानते हैं यदि आपको ओपल पहनने की सलाह दी गई है तो ही पहनना है वरना केवल इसके गुण और अन्य चीजों की खूबियां जानकर नहीं पहने
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अधिक जानकारी और रत्न व रिंग कैसे दिखते हैं जानने के लिए देखें यह वीडियो
दिख रहे वीडियो के प्ले बटन पर सीधा क्लिक कीजिए वीडियो यही चलने लगेगा, अलग से यूट्यूब में जाने की जरूरत नहीं रहेगी







