पीला पुखराज (Yellow Sapphire) पीतल की अंगूठी और शुद्धिकरण सहित
Price range: ₹1,500.00 through ₹5,301.00
Description
1. यह बृहस्पति यानी गुरु देव का रत्न है जो कि हल्का पीला, गहरा पीला रंग का होता है और कभी-कभी इसमें हल्के सफेद या गहरे पीले रंग की धारियां, तरल जेलीनुमा संरचना होती है, और इसे सिर्फ सोने या पीतल की अंगूठी में पहना जाता है और किसी में भी नहीं
2. कुंडली में बृहस्पति यानी गुरु की स्थिति कमजोर होने पर इसे अवश्य ही धारण करना चाहिए
3. जीवन में अवसाद अधिक हो, अशांति चल रही हो आपको लगता हो कि आप ज्ञानवान नहीं है या ज्ञान तो है लेकिन पर्याप्त नहीं है और कई बार तो इस प्रकार से लोगों से सामना होता है कि अपने आप को मूर्ख समझने के अलावा कोई रास्ता ही नहीं बचता यानी इस दुनिया में शायद सबसे ज्यादा अज्ञानी मैं ही हूं ऐसा प्रतीत होता है, तो अवश्य ही इसे धारण करना चाहिए
4. यह परिष्कृत ज्ञान के देवता का रत्न है इसको पहनने से कई दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है और अपनी बुद्धि व ज्ञान के स्तर को चरम सीमा तक पहुंचाकर अनेकानेक प्रकार के लाभ लिए जा सकते हैं
5. सरकारी या प्राइवेट नौकरी जिसमें आपको बहुत इज्जत की प्राप्ति की इच्छा है और कहीं उस इज्जत को मिलने में देरी हो रही है, उतनी नहीं मिल रही जितनी चाहिए या यू कहे की पैसे को ज्यादा प्राथमिकता ना देते हुए अपने आत्म सम्मान, मान सम्मान और हर प्रकार से अपने आप को श्रेष्ठ समझने जैसे भाव, यह हमारी प्राथमिकताओं में शामिल हो जाता है पैसा कम हो चलेगा लेकिन हमारा जमीर नहीं मरना चाहिए हम किसी भी अनैतिक कार्य के लिए अपने आप को झोंक दें या अपनी इंसानियत गिरवी रख दे ऐसा स्वभाव आपको पसंद नहीं आएगा, ऐसी स्थिति से उबरने के लिए और अपने आप को हर प्रकार से मजबूत करने के लिए पुखराज रत्न का बड़ा ही महत्व है, इसलिए पुखराज धारण करने वाला व्यक्ति ज्ञानवान हो जाता है इसलिए ज्योतिष कार्य, प्रोफेसर, टीचर और हर वह व्यक्ति जिसके अंदर ज्ञान की भरपूर मात्रा है और वह उसे अपने लोगों में बांटना चाहता है, चाहे वह विद्यार्थी हो, सहकर्मी हो या आम जनता हो उसे यह ज्ञान बांट कर ही आनंद आता है इसलिए पुखराज पहनकर इस ज्ञान को बढ़ाना मजबूरी भी है और जीवन जीने के लिए आवश्यकता भी है इसके बगैर उसे व्यक्ति का जीवन ही अधूरा अधूरा सा रहता है …. *condition apply
6. यदि आप व्यावसायिक यानि व्यापार क्षेत्र / फील्ड से हैं और कुंडली में बृहस्पति यानी गुरु का रत्न पहनने की सलाह दी गई है तो आपकी व्यापार करने की क्षमता उस लेवल तक जा सकती है जहां बहुत सारे लोगों का आप नौकरी भले ही ना दे पाए लेकिन अपने कार्य को उत्कृष्ट तरीके से जरूर करेंगे यानी आप अपने कार्य में पारंगत जरूर बनेंगे और उसी हिसाब से आप आय कर सकते हैं अर्थात भले ही आप अकेले काम कर रहे हो लेकिन आप खुश रहेंगे, संतुष्ट रहेंगे और आपसे जुड़कर लोगों को भी एक अनोखा आनंद आएगा क्योंकि जो कार्य आप कर रहे होंगे वैसा कार्य आसपास किसी और का कर पाना उतना आसान नहीं है फिर वह चाहे आपके कंपटीशन वाले हो, चाहे आपका नौकर … लोग आपकी ही सेवा लेंगे इसलिए यह महान पुखराज रत्न बेहद कारगर है, अपने हिसाब से अपने ज्ञान को, परिष्कृत ज्ञान को लोगों में बताकर व्यापार के माध्यम से या सेवा के माध्यम से अपने जीवन को सुंदर रंग रूप दे सकते हैं
अर्थात सीधे शब्दों में यह रत्न आपकी बुद्धि और परिष्कृत ज्ञान की क्षमता यानी मेमोरी पावर और सामने वाले को ज्ञान बांटने की, जीवन जीने की कला कैसे सीखें इन सब कला शक्तियो पर चार चांद लगा सकता है
7. जिन लोगों को लगता है कि उनका व्यापार नहीं चल रहा या हर बार व्यापार बदलने की नौबत आ जाती है तो सीधा सा यह अर्थ है आप केवल धन कमाने के लिए जन्म नहीं लिए हैं पुखराज रतन धन कमाने का साधन हो सकता है लेकिन इसका पूर्ण उद्देश्य कभी भी यह नहीं है क्योंकि जैसा गुरु का स्वभाव है कि भले हमारे पास कुछ नहीं लेकिन हम हमेशा सबकी मदद करेंगे वैसा ही स्वभाव बन जाता है और आनंद भी इसी में आता है लेकिन आज कलयुग है स्वयं की रक्षा करते हुए स्वयं को धनवान बनाते हुए ही लोगों की मदद करना इंसान का स्वभाव होना चाहिए, यह अनिवार्य गुण है आज की जरूरत के अनुसार इसलिए पुखराज कहीं ना कहीं इंसान को अपना बचाव करते हुए अपने मूल स्वभाव को जीने में मदद करता है
8. यह रत्न बृहस्पति यानी गुरु देव का है और इनका संबंध है हमारी ज्ञान शक्ति से है अर्थात अपने बुद्धिबल ज्ञान रूपी बल को बढ़ाने के लिए यह सर्वोत्तम रत्न है
9. इसको धारण करने से सम्मान की प्राप्ति और यश में दिनों दिन बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है, इसका होने का कारण क्या है तो आप समझे कि शरीर में सबसे मुख्य तत्व बुद्धि और ज्ञान की स्थिति स्थिर होगी, मन में अच्छे विचार आएंगे, शरीर उसी हिसाब से परफॉर्म करने लगेगा बीमारियां जल्दी से पास नहीं आएगी और अगर आ रही है तो रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होकर उनसे सामना होने में पक्ष की स्थिति बनेगी, शरीर गलत चीजों की तरफ भटकेगा नहीं और शरीर पर अपनी पकड़ मजबूत होगी क्योंकि बुद्धि और ज्ञान ही आपको निर्णय करना सिखाती है कि क्या गलत है और क्या सही, किसमें हमें फायदा है और किस हमें नुकसान इसका तुरंत फैसला होने लगता है, तो आप निश्चित तौर पर एक निडर, मजबूत और अपने निर्णय पर अडिग रहने वाले व्यक्ति माने जाएंगे बल्कि लोग महसूस करेंगे कि ऐसा व्यक्ति जो हर प्रकार से सक्षम है वही मित्रता करने लायक है, भरोसा करने लायक है और हम सबका भला करने लायक है, यानी इस व्यक्ति से किसी भी प्रकार की सेवा ली जाएगी तो यह हमारे जीवन के लिए फायदेमंद होगी, हमारा पैसा और हमारे लिए दी जाने वाली सेवा सुरक्षित रहेगी l ऐसा भरोसा लोगों के द्वारा आपके ऊपर जमने लगता है अर्थात हर प्रकार से आपकी वैल्यू आसपास में, परिवार में और समाज में बनने लगती है और ऐसे में सामाजिक दायरा यानी कि सोशल एप्रोच,अपीरियंस काफी बढ़ती है, इन विशेष दक्षताओं के चलते चतुर और ज्ञानी इंसान टीचर का गुण आने लगता है जो आगे जाकर शिक्षा जगत और गरीब या समर्थ लोगों की सेवा क्षेत्र में या जहां भी हमारे बुध्दिबल व ज्ञानबल की जरूरत है उन सभी क्षेत्रों में लाभ मिलना शुरू हो जाता है
10. इसको पहनने से जल्द ही आप देखते हैं लोग अब आपके बारे में अलग ही कुछ विचार करने लगे हैं जो आपके मन को अनुकूल लगने लगेगा अंदर ही अंदर प्रसन्नता रहने लगेगी कि हां मैं सही तरीके से जीवन जी रहा हूं और जिस उद्देश्य से मेरा जन्म हुआ है मैं उसी रास्ते पर जाकर अपने जीवन को सार्थक कर पा रहा हूं मुझे पैसा कमाना है तो वह भी मैं काम रहा हूं, मुझे सेवा करनी है वह मैं कर रहा हूं, परिवार में लोगों का भला करना है वह भी कर रहा हूं, समाज को मेरी जरूरत है वह भी मैं कर रहा हूं यानी आप अपने सभी दायित्व पूरे करने लगते हैं और लोग आपसे हर प्रकार से आनंदित होने लगते हैं यानी लोगों के बीच आपका सम्मान, आपका यश ऑटोमेटिक ही बढ़ता चला जाता है और इन सब उपलब्धियां पर आपके बैकग्राउंड के अनुसार आपके जीवन की एक नई तस्वीर बनना शुरू हो जाती है चाहे फिर वह धनवान के रूप में बने, किसी महात्मा के रूप में या कुछ अलग ही आप अपने लिए कर जाएं यानी किसी भी प्रकार का सुखद जीवन आपको देखने को मिल सकता है देश, काल और परिस्थिति अनुसार
11. शरीर में पेट, पिताश्य, मोटापा होने वाले रोग जिन अंगों से होते हैं और शरीर के बड़े से बड़े किसी भी अंग की कोई समस्या है और कुंडली अनुसार भी इसका कनेक्शन यदि बृहस्पति यानी गुरु देव से बन रहा है तो इन सभी बीमारियों से लड़ने की ताकत पैदा करने में नई जान डालने के लिए भी पुखराज रत्न लाभदायक है
12. कुछ मामलों में मधुमेह, पाचन तंत्र, त्वचा, blood circulation, मानसिक संतुलन संबंधित समस्याओं को भी दूर करने में इसका प्रभाव देखा जाता है
13. रिश्तो में मजबूती बनाना हो यानी परिवार में सभी प्रकार के रिश्ते चाहे पति-पत्नी, माता-पिता, बच्चों के साथ और परिवार के बाहर भी अन्य रिश्तेदारों के साथ संबंध बनाने में इस रत्न का बड़ा महत्व है इसे धारण करने से परिवार में जब मान सम्मान बढ़ाने लगता है तो हर छोटे-बड़े फैसले में आपकी आवश्यकता और आपको आगे रखना परिवार को गर्व की उपस्थिति महसूस करवाता है जो आपके लिए भी गर्व की बात है और आपके पूरे परिवार के लिए भी, क्योंकि इन सब के पीछे मुख्य कारण पुखराज के द्वारा आपके ज्ञान का मजबूत होना है
15. कुछ मामलों में स्किन रोग, पाचन की कोई समस्या और शरीर में पित्त या पेट की गड़बड़ हो जाना यानी की वात, पित्त और कफ में से पित्त को यह ठीक करने में मदद करता है
16. इसके अलावा भी अनेकानेक लाभ है जो की अलग-अलग कुंडली में अलग-अलग प्रकार से सामने आते हैं
17. कुंडली में किसी भी प्रकार से बृहस्पति यानी गुरु देव यदि राहु केतु, नीच ग्रहों से पीड़ित है और सूर्य देव से अस्त हैं तो अनिवार्य रूप से यह रत्न धारण करना ही है बस कुंडली में आपको बृहस्पति यानी गुरु देव योग कारक लिखे होने चाहिए और किसी विद्वान ज्योतिषी ने आपको बताया हो कि आप पुखराज धारण करें तब ही इसे धारण करना है अन्यथा उपाय और भी हैं जो कुंडली विवेचन के माध्यम से जाने जा सकते हैं लेकिन यह रत्न, बृहस्पति यानी गुरु के कुंडली अनुसार योगकारक और लगन के मित्र होने पर ही धारण किया जाता है
18. लेकिन जैसा कि आप जानते हैं यदि आपको पुखराज पहनने की सलाह दी गई है तो ही पहनना है वरना केवल इसके गुण और अन्य चीजों की खूबियां जानकर नहीं पहने
———
अधिक जानकारी और रत्न व रिंग कैसे दिखते हैं जानने के लिए देखें यह वीडियो …
दिख रहे वीडियो के प्ले बटन पर सीधा क्लिक कीजिए वीडियो यही चलने लगेगा अलग से यूट्यूब में जाने की जरूरत नहीं रहेगी







